क्या तुमने तितली की कहानी सुनी है?
चुलबुली सी एक लड़की जिसका नाम तितली है। छठी क्लास में उसका दाखिला अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल में हुआ। हिन्दी मीडियम की स्टूडेंट होने की वजह से उसे थोड़ी परेशानी होती थी। नये स्कूल के बच्चे उसके दोस्त नहीं बनना चाहते थे, क्यूंकि पहली परीक्षा में वो S.st विषय में फेल हो गयी थी। उसकी क्लास में जो हिन्दी के टीचर आते थे, वो थोड़े अजीब थे। हिन्दी के उस टीचर का नाम था- अमिताभ रंजन। हालांकि उनका कद सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के जितना ही था, लेकिन व्यव्हार तनिक भी उनके जैसा न था। वो जब भी क्लास में आते थे, किसी बहाने से तितली को अपने पास बुलाते थे। और यहां-वहां छूने की कोशिश करते थे। तितली हमेशा अमिताभ सर के छुअन से असहज हो जाती थी। तितली अब उनके सामने जाने से कतराती थी। लेकिन सर उसे छड़ी से पीट कर अपने पास बुलाते थे।
अमिताभ सर तितली के छाती पर हाथ फेरते थे, तो कभी पीठ पर हाथ फ़ेर कर उसकी ब्रा के स्ट्रेप्स ढूढने की कोशिश में रहते थे। असहज अवस्था में ही तितली चुपचाप खड़ी रहती थी।
तितली सेकण्ड टर्मिनल एग्ज़ाम में भी S.st में फ़ेल हो गयी। S.st के टीचर ने फ़ेल होने वाले सभी बच्चों को सजा दी थी। अमिताभ सर ने उसे चुपके से बुलाया और नंबर पूछे। तितली के नंबर बताने पर अमिताभ सर ने उसे फ़िर से छूने की कोशिश करते हुए कहा, अगली बार मैं तुम्हें पढ़ाउंगा। जब भी क्लास में आते, तितली के शरीर को जरूर छूते।
तितली के फाइनल एग्ज़ाम के वक़्त उनकी ड्यूटी लगी थी। अमिताभ सर ने तितली की सीट बदलकर पीछे कर दी। और वो खुद भी अपनी कुर्सी लेकर पीछे की तरफ आ गए। सर को अब तितली को छूने की आज़ादी मिल गयी थी। तितली कुछ बोल पाती इससे पहले ही उन्होंने तितली को धमकी दे दी, अगर कुछ बोला तो उसे क्लास के बाहर निकाल देंगे। तितली सहम गयी क्यूंकि उसे एग्ज़ाम देना था। गंदी छुअन बर्दाश्त करते हुए उसने एग्ज़ाम लिखा, और रोते हुए बाहर आ गयी। तितली ने कभी इन बातों का किसी के सामने जिक्र नहीं किया।
जब तितली सातवीं क्लास में प्रमोट हो गयी, उसके हिन्दी के टीचर बदल गए थे। अब तितली खुश रहने लगी थी। लेकिन जब भी अमिताभ सर सामने आते थे, वो मुरझा जाती थी। एक दिन अचानक बायोलोजी लैब के पास से झगड़े की आवाजें आने लगीं, टीचर के साथ-साथ स्टूडेंट्स भी इकत्ठा होने लगे। मालूम चला कि स्कूल में सफाई करने वाली तारा आंटी के साथ अमिताभ रंजन सर ने कोई गंदी हरक़त की थी। यही वजह थी कि तारा आंटी गालियां देते हुए उनकी झाड़ू से पिटाई कर रही थीं। उसी दिन घर लौटते वक़्त मैंने स्कूल बस में सीनियर्स की बातें सुनी। वो आपस में बातें कर रहे थे कि अमिताभ सर की धुलाई होनी बहुत जरुरी थी। क्यों? क्यूंकि सर ने कुछ और लड़कियों के साथ भी गंदी हरक़तें की थी।
खैर इस वाक़्या के कुछ दिनों पता चला कि अमिताभ सर का ट्रांसफर हो गया।
कमेंट में बताएं:
1 ऐसे हालातों में तितली को क्या करना चाहिए था?
2 क्या तितली के साथ दुबारा ऐसा ही कुछ हुआ होगा?
3 क्या तितली अब भी वही डरी-सहमी बच्ची है?
चुलबुली सी एक लड़की जिसका नाम तितली है। छठी क्लास में उसका दाखिला अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल में हुआ। हिन्दी मीडियम की स्टूडेंट होने की वजह से उसे थोड़ी परेशानी होती थी। नये स्कूल के बच्चे उसके दोस्त नहीं बनना चाहते थे, क्यूंकि पहली परीक्षा में वो S.st विषय में फेल हो गयी थी। उसकी क्लास में जो हिन्दी के टीचर आते थे, वो थोड़े अजीब थे। हिन्दी के उस टीचर का नाम था- अमिताभ रंजन। हालांकि उनका कद सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के जितना ही था, लेकिन व्यव्हार तनिक भी उनके जैसा न था। वो जब भी क्लास में आते थे, किसी बहाने से तितली को अपने पास बुलाते थे। और यहां-वहां छूने की कोशिश करते थे। तितली हमेशा अमिताभ सर के छुअन से असहज हो जाती थी। तितली अब उनके सामने जाने से कतराती थी। लेकिन सर उसे छड़ी से पीट कर अपने पास बुलाते थे।
अमिताभ सर तितली के छाती पर हाथ फेरते थे, तो कभी पीठ पर हाथ फ़ेर कर उसकी ब्रा के स्ट्रेप्स ढूढने की कोशिश में रहते थे। असहज अवस्था में ही तितली चुपचाप खड़ी रहती थी।
तितली सेकण्ड टर्मिनल एग्ज़ाम में भी S.st में फ़ेल हो गयी। S.st के टीचर ने फ़ेल होने वाले सभी बच्चों को सजा दी थी। अमिताभ सर ने उसे चुपके से बुलाया और नंबर पूछे। तितली के नंबर बताने पर अमिताभ सर ने उसे फ़िर से छूने की कोशिश करते हुए कहा, अगली बार मैं तुम्हें पढ़ाउंगा। जब भी क्लास में आते, तितली के शरीर को जरूर छूते।
तितली के फाइनल एग्ज़ाम के वक़्त उनकी ड्यूटी लगी थी। अमिताभ सर ने तितली की सीट बदलकर पीछे कर दी। और वो खुद भी अपनी कुर्सी लेकर पीछे की तरफ आ गए। सर को अब तितली को छूने की आज़ादी मिल गयी थी। तितली कुछ बोल पाती इससे पहले ही उन्होंने तितली को धमकी दे दी, अगर कुछ बोला तो उसे क्लास के बाहर निकाल देंगे। तितली सहम गयी क्यूंकि उसे एग्ज़ाम देना था। गंदी छुअन बर्दाश्त करते हुए उसने एग्ज़ाम लिखा, और रोते हुए बाहर आ गयी। तितली ने कभी इन बातों का किसी के सामने जिक्र नहीं किया।
जब तितली सातवीं क्लास में प्रमोट हो गयी, उसके हिन्दी के टीचर बदल गए थे। अब तितली खुश रहने लगी थी। लेकिन जब भी अमिताभ सर सामने आते थे, वो मुरझा जाती थी। एक दिन अचानक बायोलोजी लैब के पास से झगड़े की आवाजें आने लगीं, टीचर के साथ-साथ स्टूडेंट्स भी इकत्ठा होने लगे। मालूम चला कि स्कूल में सफाई करने वाली तारा आंटी के साथ अमिताभ रंजन सर ने कोई गंदी हरक़त की थी। यही वजह थी कि तारा आंटी गालियां देते हुए उनकी झाड़ू से पिटाई कर रही थीं। उसी दिन घर लौटते वक़्त मैंने स्कूल बस में सीनियर्स की बातें सुनी। वो आपस में बातें कर रहे थे कि अमिताभ सर की धुलाई होनी बहुत जरुरी थी। क्यों? क्यूंकि सर ने कुछ और लड़कियों के साथ भी गंदी हरक़तें की थी।
खैर इस वाक़्या के कुछ दिनों पता चला कि अमिताभ सर का ट्रांसफर हो गया।
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1 ऐसे हालातों में तितली को क्या करना चाहिए था?
2 क्या तितली के साथ दुबारा ऐसा ही कुछ हुआ होगा?
3 क्या तितली अब भी वही डरी-सहमी बच्ची है?


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